फागुन तिहार
फागुन हा आ गे
बजा ले नगाड़ा
फूल गे हे परसा के फूल
गा ले होरी के गीत
गा ले होरी के गीत
आमा मऊरागे,कोयली बऊरागे
जाड़ पतरागे
नाचत हे, सल्हई मैना
फागुन हा आ गे
बजा ले नगाड़ा
फूल गे हे परसा के फूल
गा ले होरी के गीत
गा ले होरी के गीत
रतिहा अंजोरी,अगोरा मया गीत
तिहार लकठागे
पुलकत हे,परानी
चारो खुट, खुसी समागे
फागुन हा आ गे
बजा ले नगाड़ा
फूल गे हे,परसा के फूल
गा ले,होरी के गीत
गा ले,होरी के गीत
महर महर,महकै अमरईया
पगली कस, कुहक़य कोयलिया
बाजय झांझ,मंजीरा
चुटकी भर,गुलाल लगा ले
फागुन हा आ गे
बजा ले नगाड़ा
फूल गे हे,परसा के फूल
गा ले,होरी के गीत
गा ले, होरी के गीत
नूतन लाल साहू
"काव्य रंगोली परिवार से देश-विदेश के कलमकार जुड़े हुए हैं जो अपनी स्वयं की लिखी हुई रचनाओं में कविता/कहानी/दोहा/छन्द आदि को व्हाट्स ऐप और अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से प्रकाशन हेतु प्रेषित करते हैं। उन कलमकारों के द्वारा भेजी गयी रचनाएं काव्य रंगोली के पोर्टल/वेब पेज पर प्रकाशित की जाती हैं उससे सम्बन्धित किसी भी प्रकार का कोई विवाद होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उस कलमकार की होगी। जिससे काव्य रंगोली परिवार/एडमिन का किसी भी प्रकार से कोई लेना-देना नहीं है न कभी होगा।" सादर धन्यवाद।
नूतन लाल साहू
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